विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में जानकारी दी कि वर्तमान में 10,152 भारतीय नागरिक विभिन्न देशों की जेलों में बंद हैं, जिनमें से 49 को मौत की सजा सुनाई गई है। यह सवाल विदेश मंत्रालय से पूछा गया था कि विदेशों में बंद भारतीय नागरिकों और जिन भारतीयों को मृत्युदंड का सामना करना पड़ रहा है, उनकी संख्या कितनी है, और उनकी सुरक्षा के लिए भारत सरकार क्या कदम उठा रही है।
संसद को जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि यूएई में 25 भारतीय नागरिकों को मौत की सजा सुनाई गई है। वर्तमान में विदेशी जेलों में विचाराधीन कैदियों सहित कुल 10,152 भारतीय बंद हैं, जिनमें से सबसे अधिक सऊदी अरब में 2,633 और यूएई में 2,518 भारतीय कैदी हैं। नेपाल में 1,317 भारतीय बंद हैं, जबकि पाकिस्तान की जेलों में 266 भारतीय बंद हैं।
कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि सरकार विदेशी जेलों में बंद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि 8 देशों में भारतीय नागरिकों को मौत की सजा का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें यूएई में 25, सऊदी अरब में 11, मलेशिया में 6, कुवैत में 3 और इंडोनेशिया, कतर, अमेरिका और यमन में 1-1 भारतीय नागरिक को मौत की सजा सुनाई गई है।
केंद्र सरकार ने बताया कि भारतीय मिशन और केंद्र विदेशी जेलों में बंद भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करते हैं। इसमें कांसुलर एक्सेस के तहत जेलों का दौरा करना, अदालतों और सरकारी अभियोजकों के साथ समन्वय करना और कानूनी उपायों के लिए मदद प्रदान करना शामिल है। भारतीय नागरिकों को अपील, दया याचिका आदि दायर करने में भी सहायता दी जाती है।
विदेश मंत्रालय से यह भी पूछा गया था कि पिछले पांच वर्षों में किसी भारतीय नागरिक को विदेशी देशों में मृत्युदंड दिया गया है, और सिंह ने पुष्टि की कि मलेशिया, कुवैत, कतर और सऊदी अरब में मृत्युदंड दिए गए हैं।